भारतीय कला और संस्कृति: नृत्य, संगीत और धरोहर: प्रश्न और उत्तर
हर प्रश्न का सही उत्तर और व्याख्या पढ़ें।
1. विस्तृत मुख-सज्जा और वेशभूषा के लिए प्रसिद्ध कथकली किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
- A. तमिलनाडु
- B. केरल
- C. कर्नाटक
- D. ओडिशा
उत्तर: केरल
कथकली केरल का नृत्य-नाट्य है, जिसमें कलाकार मुद्राओं और आँखों के भावों से महाकाव्यों की कथाएँ प्रस्तुत करते हैं। इसके पुनरुद्धार के लिए कवि वल्लत्तोल नारायण मेनन ने 1930 में 'केरल कलामंडलम' की स्थापना की; मोहिनीअट्टम भी केरल का एक शास्त्रीय नृत्य है।
2. 2000 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा शास्त्रीय नृत्य के रूप में मान्यता प्राप्त सत्रीया नृत्य का उद्भव किस राज्य में हुआ?
- A. मणिपुर
- B. पश्चिम बंगाल
- C. त्रिपुरा
- D. असम
उत्तर: असम
15वीं-16वीं शताब्दी में वैष्णव संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव ने असम में सत्रीया नृत्य की शुरुआत की, और सदियों तक 'सत्रों' (वैष्णव मठों) ने इसे सँजोए रखा। पूर्वोत्तर का एक अन्य शास्त्रीय नृत्य मणिपुरी, रासलीला से गहराई से जुड़ा है।
3. शास्त्रीय नृत्य कुचिपुड़ी का नाम वर्तमान किस राज्य के एक गाँव के नाम पर पड़ा है?
- A. आंध्र प्रदेश
- B. तमिलनाडु
- C. कर्नाटक
- D. महाराष्ट्र
उत्तर: आंध्र प्रदेश
कुचिपुड़ी का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले के एक गाँव के नाम पर है, और परंपरा के अनुसार सिद्धेंद्र योगी ने इस नृत्य शैली को आकार दिया। कुचिपुड़ी की प्रसिद्ध प्रस्तुति 'तरंगम' में नर्तक पीतल की थाली के किनारों पर संतुलन बनाकर नृत्य करता है।
4. हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी किस घराने से संबंधित थे?
- A. ग्वालियर
- B. आगरा
- C. किराना
- D. जयपुर-अतरौली
उत्तर: किराना
भारत रत्न से सम्मानित भीमसेन जोशी किराना घराने के प्रमुख गायक थे; यह घराना उस्ताद अब्दुल करीम ख़ाँ से जुड़ा है और इसका नाम उत्तर प्रदेश के कैराना कस्बे पर पड़ा है। ग्वालियर घराने को सामान्यतः ख़याल गायकी का सबसे पुराना घराना माना जाता है।
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5. इनमें से कौन-सा संगीतकार कर्नाटक संगीत की 'त्रिमूर्ति' में शामिल नहीं है?
- A. त्यागराज
- B. मुत्तुस्वामी दीक्षितर
- C. श्यामा शास्त्री
- D. पुरंदर दास
उत्तर: पुरंदर दास
कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति — त्यागराज, मुत्तुस्वामी दीक्षितर और श्यामा शास्त्री — 18वीं-19वीं शताब्दी के संगीतकार थे, और तीनों का जन्म वर्तमान तमिलनाडु के तिरुवारूर में हुआ था। 15वीं-16वीं शताब्दी के पुरंदर दास को कर्नाटक संगीत का 'पितामह' माना जाता है।
6. 'त्योहारों का त्योहार' कहलाने वाला हॉर्नबिल महोत्सव हर साल दिसंबर में किस राज्य में आयोजित होता है?
- A. नागालैंड
- B. मेघालय
- C. अरुणाचल प्रदेश
- D. सिक्किम
उत्तर: नागालैंड
पहली बार 2000 में आयोजित हॉर्नबिल महोत्सव में कोहिमा के पास किसामा के 'नागा हेरिटेज विलेज' में नागालैंड की जनजातियों की संस्कृति प्रदर्शित की जाती है। इसका नाम नागा लोककथाओं में व्यापक रूप से मौजूद हॉर्नबिल (धनेश) पक्षी के नाम पर रखा गया है।
7. 2021 में यूनेस्को ने कोलकाता के किस उत्सव को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया?
- A. रथ यात्रा
- B. काली पूजा
- C. दुर्गा पूजा
- D. लक्ष्मी पूजा
उत्तर: दुर्गा पूजा
कला, सामुदायिक भागीदारी और सार्वजनिक उत्सव की मान्यता के रूप में दिसंबर 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किया गया। इससे पहले 2017 में कुंभ मेला भी इसी सूची में शामिल हुआ था।
8. एक ही चट्टान को ऊपर से नीचे तक काटकर बनाया गया कैलाश मंदिर किस गुफा समूह का हिस्सा है?
- A. अजंता
- B. एलोरा
- C. एलीफेंटा
- D. बादामी
उत्तर: एलोरा
महाराष्ट्र के एलोरा का कैलाश मंदिर (गुफा 16) आठवीं शताब्दी में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम के समय तराशा गया। एलोरा में बौद्ध, हिंदू और जैन गुफाएँ साथ-साथ हैं, और पास के अजंता की तरह इसे भी 1983 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
9. सूर्य देव के विशाल रथ के आकार में बना ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर किस वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने बनवाया?
- A. चोल
- B. पल्लव
- C. चंदेल
- D. पूर्वी गंग
उत्तर: पूर्वी गंग
13वीं शताब्दी में पूर्वी गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम द्वारा बनवाया गया यह मंदिर सात घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे, 24 नक्काशीदार पत्थर के पहियों वाले रथ के आकार का है। यूरोपीय नाविक इसे 'ब्लैक पगोडा' कहते थे, और 1984 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
10. मधुबनी या मिथिला चित्रकला किस राज्य की लोक कला परंपरा है?
- A. बिहार
- B. ओडिशा
- C. राजस्थान
- D. गुजरात
उत्तर: बिहार
मधुबनी चित्रकला बिहार के मिथिला क्षेत्र की है, जहाँ परंपरागत रूप से महिलाएँ प्राकृतिक रंगों से घर की दीवारों और फ़र्श पर इसे बनाती थीं; इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है। कपड़े पर बनाई जाने वाली पट्टचित्र ओडिशा की एक प्रसिद्ध लोक कला है।